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सुपारी के खाने क्या फायदे हो सकते है Benefits of Eating Betel Nut

 

सुपारी के खाने क्या फायदे हो सकते है

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सुपारी के क्या फ़ायदे है 

आप ये तो जानते ही होंगे के सुपारी क्या होती है और इसे किस-किस नाम से जाना जाता है। तो अब बताते  हैं कि सुपारी के आयुर्वेदीय गुण और काम  क्या है, इसका औषधीय प्रयोग कैसे कर सकते है

 सुपारी का इस्तेमाल मुंह में छाले के इलाज के लिए कर सकते है | 

(Areca nut can be used to treat ulcers in the mouth.)

•सोंठ, सुपारी, अथवा मरिच, गोमूत्र, और नारियल के जल से काढ़ा बना लें। इससे गरारा करने से मुंह के रोग जैसे oral diseases like epiduralism में लाभ होता है।

और पढ़ें: सुपारी को किस भाषा में क्या बोलते है | 

 पेट के कीड़े खत्म होते हैं 

(stomach worms go away)

• पेट में कीड़े होने पर 10 से 30 मिली  सुपारी के फल का काढ़ा बना लें और इसको पिने से पेट के कीड़े खत्म हो जाते हैं।

आंतों के रोग में भी सुपारी खाने के फायदे  होते है | 

(There are also benefits of eating betel nut in stomach diseases.)

बहुत लोगों को आंतों से जुड़ी परेशानिया होती रहती है। आंतों के रोग को ठीक करने के लिए 1 से 4 ग्राम सुपारी के चूर्ण को छाछ के साथ ले ,इससे आंतों के रोग में बहुत फायदा होता है।

दांतों के दर्द में भी सुपारी के बहुत लाभ है | 

(Betel nut also has many benefits in toothache.)

• दांत दर्द रहता हो , तो बराबर-बराबर मात्रा में सुपारी, खदिर, पिप्पली, तथा मरिच का चूरन बना लें। इसे दांतों पर रगड़े। ऐसा करने पर दांतों का दर्द, मसूड़ों का दर्द, और जीभ के दर्द से बहुत राहत मिलती है।

• सुपारी के चूर्ण को दांतों पर रगड़ने से भी दांतों के विकारों ठीक कर देता  हैं।

सुपारी खाने से दस्त में भी फायदा मिलता हैं। 

(Eating betel nut is also beneficial in diarrhea.)

पांच हरे सुपारी फल (ताम्बूल) को धीमी आग में पकाएं। 

जब अन्दर की और जलने लगे, तब इसे निकालकर, खाएं इससे दस्त में बहुत लाभ होता है।

उल्टी को रोकने के लिए भी सुपारी का उपयोग कर सकते है | 

(Betel nut can also be used to stop vomiting.)

• सुपारी और हल्दी का चूर्ण 1 से 3 ग्राम ले और उसमे चीनी मिला ले फिर उसका सेवन करने से उल्टी बन्द हो जाती है।

• सुपारी की चूरन तथा नीम की छाल को पानी में मिलाकर उसको छानकर थोड़ा थोड़ा पिलाने से भी उल्टी रुकती है।

आंखों के रोगों में भी सुपारी का प्रयोग कर सकते है | 

(Betel nut can also be used in eye diseases.)

बराबर मात्रा में अपांप्म, सुपारी, और थोड़ा कम मात्रा में स्फटिक को मिला लें।इन सब नींबू के रस में घोल लें।

इस रस को एक एक बूंद आंखों में डाले | इस रस को आंखों में डालने से आंखों लालिमा की परेशानी ठीक होती है।

ल्यूकोरिया में  भी सुपारी के प्रयोग से बहुत लाभ होता है | 

(Use of betel nut is also very beneficial in leucorrhoea.)

सुपारी खाने के फायदे ल्यूकोरिया में भी मिलते हैं। ल्यूकोरिया में लाभ लेने के लिए आप किसी आर्युवेद की दुकान से सुपारी पाक ला के खा सकते है इसे खाने से ल्यूकोरिया में बहुत लाभ मिलता है | 

betel nut benefits on skin

सुपारी के सेवन से मासिक धर्म विकार में भी बहुत फायदा मिलता है |  

(Consumption of betel nut is also very beneficial in menstrual disorders.)

जो भी महिलाएं मासिक धर्म संबंधी विकार से पीड़ित रहती हैं | 

सुपारी पाक हमेशा सेवन करते रहना चाहिए इसके सेवन से मासिक धर्म के विकारों में राहत मिलती है।

मूत्र रोग में फायदेमंद होती है सुपारी 

(Betel nut is beneficial in urinary disease)

मूत्र रोग जैसे पेशाब रुक रुक आना, बार बार पेशाब आना या पेशाब में शुगर आना आदि में सुपारी का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। इसके लिए सुपारी तथा खदिर की छाल का काढ़ा बना लें। काढ़ा के 10 से 30 मिली मात्रा के अंदर शहद मिलाकर पिने से मूत्र रोग में लाभ मिलता है। 

शुक्राणु रोग में भी सुपारी खाने के फायदे है 

(There are benefits of eating betel nut in sperm disease too.)

शुक्राणु रोग में भी सुपारी खाने के बहुत फायदे मिलते हैं। 6 ग्राम सुपारी के फूल के चूर्ण में 3 ग्राम चीनी मिलाकर दूध के साथ खाने से शुक्राणु रोग में लाभ होता है।

त्वचा रोग में भी सुपारी का उपयोग फायदे मंद होती है | 

(The use of betel nut in skin diseases is also slow.)

त्वचा के रोगों को ठीक करने के लिए सुपारी के फल को पीसकर लेप करें। 

इससे त्वचा के घाव और त्वचा के अन्य प्रकार के विकार ठीक हो जाते हैं। 

गंजेपन की समस्या में भी सुपारी का उपयोग फायदेमंद होता है 

(The use of betel nut is also beneficial in the problem of baldness.)

गंजेपन की समस्या आजकल बहुत लोगो को है इसके लिए लोग बहुत सारे उपाय करते हैं। गंजेपन में सुपारी का इस्तेमाल बहुत लाभ पहुंचाता है। इसके लिए बराबर बराबर भाग में नीलकमल, बहेड़ा फल मज्जा, तिल,और अश्वगंधा लें | 

इसमें आदा भाग प्रिंगु फूल, तथा सुपारी की छाल मिलाकर पीस लें। इससे लेप करने से गंजेपन की समस्या में बहुत लाभ होता है।

अगर आप सुपारी उपयोग कर के रोगों में लाभ लेना चाहते हैं, तो बेहतर परिणाम के लिए आप को आर्युर्वेद के चिकित्सक से परामर्श जरूर लेना चाहिए ।

If you want to take benefit in diseases by using betel nut, then you must consult a doctor of Ayurveda for better results.

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