सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

पारंपरिक भारतीय मसालों के नाम names of traditional indian spices


पारंपरिक भारतीय मसालों के नाम 

names of traditional Indian spices

भारत हजारो सालो से अपनी समृद्ध सांस्कृतिक की विरासत, वास्तुकला और स्वादिष्ट भोजन के लिए पुरे विश्व भर में जाना जाता है। भारतीय भोजन को विश्व-प्रसिद्ध भोजन बनाने वाली सबसे महत्वपूर्ण सामग्रियों में से एक भारतीय मसाले है। ये मसाले खाद्य पदार्थों में स्वाद और सुगंध लाते हैं। इन मसालों के बिना भारतीय खाना पकाने में पारंपरिक स्वाद लाना असंभव हो जाता है। भारतीय व्यंजनों की लोकप्रियता की बदौलत इन मसालों की मांग पूरी दुनिया में रहती है। साथ ही, इन मसालों का औषधीय महत्व भी बहुत है। कई भारतीय मसाले जैसे अजवाइन, धनिया, जीरा और पुदीना आम सर्दी  ख़ासी से लेकर ट्यूमर तक की बीमारियों को ठीक करने के लिए काम में लेते हैं।

यहाँ भारतीय खाना पकाने में सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले कुछ मसाले के नाम दिए गए हैं।

1. काली मिर्च 

स्थानीय रूप से काली मिर्च के रूप में जाना जाता है, इसमें एक मोटे सतह के साथ एक छोटे काले रंग की गेंद जैसी दिखने वाली होती है। काली मिर्च के अलावा हरी, लाल और सफेद मिर्च भी यहाँ मिलती है। यह ज्यादातर दक्षिण भारत और उत्तर पूर्व भारत में होती है।

2. अजवायन 

यह भोजन के साथ-साथ दवा उद्योग में भी एक लोकप्रिय है। यह दिखने में जीरे जैसी होती है लेकिन इसका स्वाद बिल्कुल अलग होता है। अजवायन पाचन में सहायता करता है और इसलिए इसे उन खाद्य पदार्थों में उपयोग किया जाता है जो पचने में भारी होते। यह गुजरात और राजस्थान राज्यों में बहुत होती है।

3. लौंग 

खाना पकाने के अलावा, इसका उपयोग कई चिकित्सीय और औषधीय रूप में भी किया जाता है। इसका उपयोग लौंग का तेल बनाने के लिए किया जाता है | 

4. इलायची 

भोजन में स्वाद और सुगंध जोड़ने के लिए इलायची का उपयोग किया जाता है। इसका उपयोग कई पेय पदार्थों के स्वाद के लिए भी किया जाता है। इस इलायची के दो अलग-अलग प्रकार हैं छोटे हरे रंग की इलायची और बड़ी काले रंग की इलायची। छोटी इलायची  ज्यादातर दक्षिण भारतीय राज्यों में होती है,और बड़ी काली इलायची उत्तर पूर्व भारत में होती है।

5. हल्दी 

हल्दी का उपयोग ठोस और पाउडर दोनों रूप में किया जाता है। हल्दी स्वाद और रंग जोड़ती है। यह दवा उद्योग में भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

6. धनिया 

धनिया पत्ती और पाउडर खाने की चीजों में खुशबू लाते हैं। यह किसी भी खाद्य पदार्थ के स्वाद को बढ़ाने में मदद करता है। यह ज्यादा तर पुरे भारत में होता है | 

ये कुछ पारंपरिक भारतीय मसाले हैं जिनका उपयोग रोज़ाना खाना पकाने में किया जाता है। ये बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं और हर घर में बड़े पैमाने पर उपयोग किए जाते हैं।

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

लकाडोंग हल्दी का इतिहास क्या है ? history of Lakadong Turmeric ?

  लकाडोंग हल्दी का इतिहास क्या है ?  History of Lakadong Turmeric ? लकाडोंग हल्दी एक उच्च Curcumin हल्दी के रूप में जनि जाती है पुरे विस्व भर में |  मेघालय राज्य, पूर्वोत्तर भारत के आठ राज्यों में से एक, और क्यी मसाले होते है मेघालय में। लकाडोंग हल्दी क्यों? क्योंकि लकाडोंग हल्दी की एक विशेष किस्म है जो करक्यूमिन का एक सबसे अच्छा स्रोत है। लकाडोंग हल्दी  मेघालय की ही देन है। लकाडोंग हल्दी मेघालय के ग्यारह जिलों में से एक, पश्चिम जयंतिया हिल्स जिले के एक छोटे से क्षेत्र में होती है। इस जगह को लाकाडोंग कहते हैं। लकाडोंग हल्दी का करक्यूमिन अन्य हल्दी की किस्मों की तुलना में तीन गुना अधिक है। आप इंटरनेट पे करक्यूमिन के औषधीय गुणों के बारे में रिपोर्टों को देख सकते है।  करक्यूमिन क्या होता है? हल्दी में करक्यूमिन वर्णक होता है और यह वह है जो इसे एक समृद्ध पीला रंग और तीखी खुसबू देता है। दरअसल, स्पेनिश और फ्रेंच में हल्दी को करकुमा कहा जाता है! स्वास्थ्य पूरक बनाने वाली फार्मा कंपनियां उच्च करक्यूमिन के साथ हल्दी का स्रोत बनाती हैं। लकाडोंग हल्दी में करक्यूमिन की मा...

मसालों की रानी बड़ी इलायची काली इलायची Queen of Spices Big Cardamom Black Cardamom

 मसालों की रानी बड़ी इलायची काली इलायची   Queen of Spices Big Cardamom Black Cardamom इलायची तो हमेशा मसालों की रानी रही है और रहेगी। हमारे भारत में इसे "इलायची" के नाम से जाना जाता है। इलायची स्वाद, इलाज और सुगंध के माध्यम से मुख्य उद्देश्यों में काम ली जाती है यानी भोजन, पेय, दवाएं और इत्र में । यह व्यापक रूप से एक हर्बल मसाले के रूप में उपयोग की जाती है और सुगंध और स्वाद प्रदान करने के लिए विभिन्न मीठे व्यंजनों में जोड़ा जाता है। आयुर्वेद में इसे बहुत ही उपयोगी और असरदार औषधि के रूप में भी माना गया है। इलायची के फायदे :- इलायची विभिन्न रोगों को ठीक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह मुख्य रूप से पाचन तंत्र में सुधार करती है। यह सूजन और अपच से राहत दिलाने में बहुत फायदेमंद होती है। इलायची पेट के संक्रमण को रोकने के साथ-साथ भूख और चयापचय में सुधार के लिए भी फायदेमंद होती है। मूल रूप से इलायची में वार्मिंग प्रभाव होता है, जो शरीर को गर्म रख सकती है, जैसे खांसी को खत्म करने में मदद करता है। एक कप गर्म इलायची की चाय बहुत ठंड में होने वाले सिरदर्द से राहत देती है। सामान...

सुपारी के खाने क्या फायदे हो सकते है Benefits of Eating Betel Nut

  सुपारी के खाने क्या फायदे हो सकते है betel nut benefits ayurveda सुपारी के क्या फ़ायदे है  आप ये तो जानते ही होंगे के सुपारी क्या होती है और इसे किस-किस नाम से जाना जाता है। तो अब बताते  हैं कि सुपारी के आयुर्वेदीय गुण और काम  क्या है, इसका औषधीय प्रयोग कैसे कर सकते है |    सुपारी का इस्तेमाल मुंह में छाले के इलाज के लिए कर सकते है |  (Areca nut can be used to treat ulcers in the mouth.) •सोंठ, सुपारी, अथवा मरिच, गोमूत्र, और नारियल के जल से काढ़ा बना लें। इससे गरारा करने से मुंह के रोग जैसे oral diseases like epiduralism में लाभ होता है। और पढ़ें: सुपारी को किस भाषा में क्या बोलते है |   पेट के कीड़े खत्म होते हैं   (stomach worms go away) • पेट में कीड़े होने पर 10 से 30 मिली  सुपारी के फल का काढ़ा बना लें और इसको पिने से पेट के कीड़े खत्म हो जाते हैं। आंतों के रोग में भी सुपारी खाने के फायदे  होते है |  (There are also benefits of eating betel nut in stomach diseases.) बहुत लोगों को आंतों से जुड़ी परेशानिया होती रहती है...